राजनीति की भाषा

मास मीडिया के अलग-अलग प्‍लेटफॉर्म में 4 साल अनुभव लिये अंकुर कुमार श्रीवास्‍तव वेब पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इन्‍हें राजनैतिक मुद्दों पर अच्‍छी पकड़ है। इन्‍होंने दैनिक अखबार जनसत्‍ता में काम किया है और फिलहाल न्‍यूज बेबसाइट वनइंडिया में सीनियर जर्नलिस्ट के तौर पर कार्यरत हैं। कलम ही इनका शौक है और कलम ही इनकी पहचान।

राजनीति की भाषा

आडवाणी का ‘इमोशनल अत्‍याचार’


Ankur Shrivastav11 Jun 2013

आडवाणी का 'इमोशनल अत्‍याचार'

गोवा में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारिणी बैठक खत्‍म होने के बाद कार्यकर्ताओं में जोश अभी कम भी नहीं हुआ था कि पार्टी के सबसे पुराने कार्यकर्ता लालकृष्‍ण आडवाणी का एक खत मोदी, राजनाथ सिंह सहित पूरी पार्टी पर भारी पड़ गया। सभी नेताओं की सहमती से राजनाथ सिंह ने जैसे ही नरेन्‍द्र मोदी के ताजपोशी का ऐलान किया वैसे ही खुद को बीमार बताकर गोवा बैठक में शामिल न होने वाले आडवाणी ने सभी पदों से अपना इस्‍तीफा सौंप दिया।

 

आडवाणी ने वापस लिया इस्‍तीफा, चुनाव प्रचार की कमान नरेन्‍द्र मोदी के हाथ

आडवाणी के इस्‍तीफे से पार्टी में हड़कंप जरुर मचा पर वो खुद पार्टी में हासिए पर आ गये। थोड़ी सी मान मनौव्‍वल हुई और आडवाणी ने अपना इस्‍तीफा वापस भी ले लिया। इन सबके बाद कई ऐसे सवाल खड़े हो गये हैं जो आडवाणी पर अंगुली उठाने के लिये काफी हैं। सबसे बड़ा सवाल ये कि आखिर आडवाणी जी ने ऐसा क्‍यों किया? ऐसा कर आडवाणी को क्‍या मिला? आडवाणी ने पार्टी की खुशी में खलल क्‍यों डाली? जवाब कुछ भी हो मगर पार्टी कार्यकर्ताओं का सिर्फ यही कहना है कि अपने कंधों पर पार्टी को खड़ा करने वाले आडवाणी जी से ये उम्‍मीद नहीं थी।

Advani’s resignation: This is no time to venerate elders

पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने आज आडवाणी के आवास से ही उनके इस्‍तीफे की वापसी का ऐलान किया। अपने घर में ही आयोजित प्रेस कांफ्रेस में आडवाणी शामिल नहीं हुए। ये बात अलग है कि राजनाथ सिंह ने इसे शिष्‍टाचार से जोड़ दिया और मामले को दबा दिया मगर इसके पीछे की वजह सिर्फ यही है कि आडवाणी ये जान चुके थे कि उनका इमोशनल ड्रामा किसी काम नहीं आया। आडवाणी बैकफुट पर आ चुके हैं जबकि मिशन 2014 के चुनावी रथ की कमान नरेन्‍द्र मोदी के हाथ में ही है।

 


Print







 


1



(c) NiTi Digital. Reproduction and/or reposting of this content is strictly prohibited under copyright laws.



 
1 Print







  • mukund patel

    whatever advani did it, it is not emotional atyachar but it is emotional blackmailing.





Recent Comments


Subscribe to Newsletter