राजस्थान में बेरोजगारों के साथ हो रहा है मजाक

राजस्थान में बेरोजगारों के साथ हो रहा है मजाक राजस्थान में पंचायती राज विभाग हजारों बेरोजगारों के साथ मजाक कर रहा है। पिछले एक साल से चल रही तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती- 2012 में पंचायती राज विभाग ने कार्मिक विभाग के आदेश को दरकिनार कर आयु और फीस के अलावा अन्य छूट लेने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी सामान्य श्रेणी में शामिल कर लिया।

राजस्थान पत्रिका के अनुसार, प्रदेशभर में जिला परिषदों के जरिए पिछले साल प्रारम्भ हुई 40 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरूआत से ही विवादों में रही। पहले भर्ती नियमों में गुपचुप परिवर्तन और फिर परिणाम में खामियां सामने आई। कई अभ्यर्थियों ने तो कोर्ट में गुहार लगाई, लेकिन तब तक पहली सूची के आधार पर काफी संख्या में चयनितों को नौकरी दे दी गई।

विभाग ने अब आरटेट के संशोघित परिणाम व कुछ प्रश्नों के उत्तरों में सुधार के बाद एक सप्ताह पहले फिर से जिलेवार संशोघित परिणाम व कटऑफ लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। अकेले जयपुर में ही कार्मिक विभाग के तीसरी छूट सम्बन्धी आदेश की अवहेलना से प्रथम लेवल में ही आधा दर्जन अभ्यर्थी बाहर हो गए हैं। वही दूसरी ओर द्वितीय लेवल में करीब 40 से अघिक अभ्यर्थियों के बाहर होने की आशंका है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर पिछले साल 12 सितम्बर को कार्मिक विभाग ने एक आदेश जारी कर आरक्षित वर्ग को सामान्य वर्ग की सूची में शामिल करने को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। अगर कोई आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी किसी भर्ती में आयु व फीस के अलावा कोई अतिरिक्त छूट लेता है तो उसे सामान्य वर्ग की मेरिट में शामिल नहीं किया जाएगा। ऎसे अभ्यर्थी खुद के वर्ग की मेरिट में ही शामिल किए जाएंगे।


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